By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
  • बॉलीवुडHot
    बॉलीवुड
    Show More
    Top News
    सत्यप्रेम की कथा दिन 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: कार्तिक आर्यन-कियारा आडवाणी की फिल्म फ्लॉप?
    July 1, 2023
    बिग बॉस 13 की शहनाज़ गिल ने जाहिर किया अपना दिल; कहती हैं, ‘मुझे हमेशा प्यार में धोखा दिया गया है’
    July 5, 2023
    अजीब मार्केटिंग है: गदर 2 की सह-कलाकार सिमरत कौर की वायरल इंटिमेट तस्वीरों का ‘बचाव’ करने पर अमीषा पटेल को ट्रोल किया गया
    July 14, 2023
    Latest News
    नरेला विधानसभा में दीपावली से पहले लगेंगी 5000 लाइटें- धीरेन मान
    October 1, 2024
    युध्रा’ के लिए सिद्धांत चतुर्वेदी के जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन पर डायरेक्टर रवि उदयवार ने किए खुलासे
    September 13, 2024
    अनिल मेहता ने खुदकुशी से पहले मलाइका और अमृता को किया कॉल, बेटियों को कहे आखिरी शब्द
    September 12, 2024
    फिल्म निर्माता-कोरियोग्राफर फराह खान और निर्देशक साजिद खान की मां मेनका ईरानी का हो गया है निधन।
    July 26, 2024
  • टेलीविज़न
  • स्पॉटलाइट
  • भोजपुरी सॉन्ग
  • बॉक्स ऑफिस
  • एंटरटेनमेंट
  • स्पॉटलाइट
  • Important Link
    • English Website
    • About US
    • Company
Notification Show More
Aa
Aa
  • बॉलीवुडHot
  • टेलीविज़न
  • स्पॉटलाइट
  • भोजपुरी सॉन्ग
  • बॉक्स ऑफिस
  • एंटरटेनमेंट
  • स्पॉटलाइट
  • Important Link
    • English Website
    • About US
    • Company
Have an existing account? Sign In
Follow US
बॉलीवुडबॉलीवुड गॉसिप

जानिए कि, कैसे 45 साल पहले अमिताभ बच्चन के एक डायलॉग ने बदल दी थी आम लोगो की जिंदगी !

TFC Desk
Last updated: 2023/03/13 at 6:12 AM
TFC Desk Published September 24, 2020
Share
SHARE

कहते हैं कि फिल्मे समाज का आईना होती हैं। पर कुछ लोगो का ये भी मानना है कि फिल्मो में जो होता हैं वही समाज ग्रहण करता हैं। यह एक ऐसा विवादित मुद्दा हैं जिसे समझ पाना कठिन हैं लेकिन फिल्मी दुनिया के कुछ ऐसे प्रतिभाशाली लेखक हैं जो इसे विस्तार से बताते हैं ।

हाल ही में हुए स्क्रीन राइटर असोसिएशन (SWA) के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर वरिष्ठ लेखक विनय शुक्ला जी ने बड़ी ही सरलता से समाज की सोच और फिल्मो के असर के मेलजोल पर स्पष्ट किया कि ‘ सिनेमा कई बार समाज को दर्शाता है और यह सोचने की प्रक्रिया का दर्पण है। लेकिन वह प्रतिबिंब लोगों को सोचने को मिलता है और कई बार वहां से बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में समाज पर एक फिल्म अपना गहरा प्रभाव छोड़ती हैं जो एक बदलाव की वजह बनता हैं।

उन्होंने फिल्म दीवार का उदाहरण दिया, जिसमें अमिताभ बच्चन कहते हैं, ” मैं आज भी फेके हुए पैसे नही उठाता।” जी हां अमिताभ बच्चन के कहे हुए और सलीम-जावेद जी के लिखे हुए इस डायलॉग ने मध्यम और निचले वर्गीय लोगो की सोच को बदलकर रख दिया था। जहा एक फ़िल्म में यह पहली बार था कि गरीबों को एक आत्म सम्मान के साथ दिखाया गया था, जिसने देश के गरीबों के बीच एक बड़ी लहर पैदा की, जिन्होंने वापस जवाब देने के लिए सशक्त महसूस किया और अपने आत्मसम्मान के लिए लड़ने के लिए उन्हें साहस मिला था।

You Might Also Like

नरेला विधानसभा में दीपावली से पहले लगेंगी 5000 लाइटें- धीरेन मान

युध्रा’ के लिए सिद्धांत चतुर्वेदी के जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन पर डायरेक्टर रवि उदयवार ने किए खुलासे

अनिल मेहता ने खुदकुशी से पहले मलाइका और अमृता को किया कॉल, बेटियों को कहे आखिरी शब्द

फिल्म निर्माता-कोरियोग्राफर फराह खान और निर्देशक साजिद खान की मां मेनका ईरानी का हो गया है निधन।

आज का शीर्षक 8 सेलिब्रिटी पर समाचार: श्रद्धा कपूर की शादी पर टिप्पणी से लेकर शाहिद के “हिंसक वेलेंटाइन डे” तक

TAGGED: Amitabh Bachchan, Deewar
TFC Desk September 24, 2020
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Next Article ज़ी5 ने बहुप्रतीक्षित कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म ‘नेल पॉलिश’ का शक्तिशाली और रोमांचकारी टीज़र किया रिलीज़!

Follow US

Find US on Social Medias
Popular News
After Tanuj Virwani's marriage, first Gautam De got stuck in work and away from romance!
जानकारीपूर्ण

तनुज विरवानी शादी के बाद के पहले वैलेंटाइन डे पर रोमांस से दूर काम में व्यस्त रहेंगे!

TFC Desk TFC Desk February 13, 2024
ज़ी5 ने की ‘सूरज पे मंगल भारी’ के डिजिटल प्रीमियर की घोषणा!
जब किरण थीं स्टार, तब गांव के साधारण इंसान थे अनुपम खेर… ऐसी थी दोनों की पहली मुलाकात
क्यों हुईं कृति सेनॉन ‘आदिपुरुष’ की रिलीज से पहले भावुक?
इस दीवाली सबके कर्मों का हिसाब लेने आ रहे अजय देवगन,थैंक गॉड में बने चित्रगुप्त
- Advertisement -
Ad imageAd image
Copyright © The Filmy Charcha. RV Rising Entertainment | All Rights Reserved.
Go to mobile version
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?